एक और परिवार के 4 लोगों ने फांसी लगाकर कर लिया हत्या, और फिर ऐसे खुला काले सच का राज....



वाराणसी के मुकिमनगज क्षेत्र के नचनीकुआं मोहल्ला निवासी कारोबारी चेतन बीते 1 महीने से पत्नी और बच्चों के साथ जान देने की तैयारी कर रहा था। इसके लिए उसने घर में रस्सी और टेप ला कर रखा था। पहले पत्नी और बाद में दोनों बच्चों को समझाया। उसके बाद बीते 22 जनवरी को चेतन ने स्टैंप युक्त शपथ पत्र बना करें उस पर लेमिनेशन करवाया।
चेतन ने पत्र में लिखा कि उसकी मौत के बाद उसके हिस्से की संपत्ति गोरखपुर निवासी साले श्री राम के नाम कर दी जाए। श्रीराम खराब समय में भी लगातार आर्थिक मदद करते रहे। चेतन को आंखों से कम दिखाई देने के कारण यह पत्र ऋतु ने लिखा। आखिर में चेतन ने खुद दस्तखत किया। ऋतु में लिखा 20 साल पहले हमारा परिवार अंदर से खुश नहीं था। बाद में पता चला है कि पति आंखों की कम होती रोशनी लाइलाज बीमारी से पीड़ित है। 

पति कि इस बीमारी के साथ-साथ व्यापार में भी घाटा हो गया। सास ससुर ने भी हमारी समस्या समझने की कोशिश नहीं की। सुसाइड नोट के अनुसार चेतन में आत्महत्या करने की बात अपने बच्चों के साथ भी शेयर की। हर्ष स्नातक की पढ़ाई कर रहा था और हिमांशी ने इंटरमीडिएट का प्राइवेट फॉर्म भरा था। बच्चों ने कहा था कि पापा नींद की गोली देकर गला दबा देना। बच्चों ने जैसा कहा वैसे ही चेतन ने उनके साथ किया।
Loading...