दौ सौ की ले लिया बलि, अब धोएंगे खून के छींटे, जानिए क्या है पूरा मामला....

ब्यावर फोरलेन के अधूरे पड़े कार्य को शुरू करने के लिए 750 करोड़ की लिखित स्वीकृति मिल गई है। यह राशि स्वीकृत होने से दो साल में 200 की इस मार्ग पर सड़क हादसे में मृत्यु हो गई। अब इस राजमार्ग का अधूरा काम पूरा करवाने के लिए वितीय स्वीकृति मिली है। करीब छह साल से अटके ब्यावर-गोमती फोरलेन के लिए स्वीकृति जारी करने पर सांसद दीयाकुमारी ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी का आभार जताया। भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्र कार्यालय से 12 फरवरी को आदेश जारी किए गए। 
इसमें सहायक कार्यकारी अभियंता (योजना) अंकुर मणि त्रिपाठी ने ब्यावर गोमती खंड के चार लेन के लिए 750 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इसमें वन्यजीव भाग में 12.5 किमी का हिस्सा शामिल नहीं है। वन्यजीव भाग में आने वाले 12.5 किलोमीटर सड़क के लिए अलग से बजट जारी किया जाएगा। सांसद दीयाकुमारी ने बयान जारी कर बताया कि 4 और 5 फरवरी को केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी के पास गुहार लगाई। 

सांसद ने पीएम से कहा कि क्षेत्र में हो लगातार हो रही दुर्घटनाओं से मन विचलित है। असमय काल के ग्रास बने लोगों के परिवारों की संवेदनाओं ओर मानवीय पहलू को ध्यान में रखते यह कार्य अति शीघ्र किया जाना आवश्यक है। इसके लिए 430 करोड़ का बजट पर्याप्त नहीं होगा। वापस किए गए सर्वे के अनुसार लगभग 750 करोड़ की आवश्यकता होगी। सांसद ने मंगलवार को संसद के बजट सत्र की समाप्ति के पश्चात एक बार फिर केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिली। 

इस मुलाकात के बाद बुधवार को 750 करोड़ का स्वीकृति पत्र जारी कर दिया गया। गौरतलब है कि वर्ष 2013 में स्वीकृत गोमती ब्यावर फोरलेन के कार्य ठेकेदार ने वर्ष 2015 में पूरी तरह से बंद कर दिया था। नियमानुसार समयावधि से पूर्व नई निविदाएं निकालना सम्भव नहीं था। जैसे ही पूर्व ठेकेदार की कार्य अवधि समाप्त हुई सांसद दीयाकुमारी ने इस कार्य को मिशन के तौर पर लिया और स्वीकृति होने तक प्रयास किया। इन सात वर्षों में इस प्रोजेक्ट पर लगभग सात सौ करोड़ की लागत बढ़ गई। अब जो भी निविदाएं जारी होगी वो 1642 करोड़ की होगी।
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