आखिर क्यों पिता के शव को अपनी बारात में ले गया बेटा, सच्चाई कर देगी आँखें नम...

31 साल के डी अलेक्जेंडर की शादी 2 सितंबर को होने को थी। शुक्रवार को अचानक अलेक्जेंडर के पिता देवमणि की मृत्यु हो गई। देवमणि बेटे की शादी को लेकर बहुत खुश थे और तैयारियों में जुटे थे।
उनकी इच्छा थी कि वह धूमधाम से बेटे की शादी करें, लेकिन इसी बीच उनकी मौत हो गई। पिता की मौत के बाद अलेक्जेंडर ने फैसला लिया कि वह पिता के अंतिम संस्कार से पहले अपनी शादी करेंगे। ताकि उनकी इच्छा पूरी हो सके। इसके लिए अलेक्जेंडर ने अपनी होने वाली दुल्हन अन्नपूर्णानी से बात की। अन्नपूर्णानी एक स्कूल में टीचर हैं और वह अलेक्जेंडर के प्रस्ताव पर शादी करने को राजी हो गईं। 

दोनों पक्षों ने शादी की तैयारियां की। बारात निकली। अन्नपूर्णानी शादी के बंधन में बंध गए। शादी के बीच दूल्हा-दुल्हन और परिवार के अन्य सदस्यों में शव के साथ फोटो भी खिंचवाएं। बारात में ले जाने के लिए शव को नहलाकर नए कपड़े भी पहनाए गए थे। उधर, शुक्रवार को शादी के बाद शनिवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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