घायल ने सुनाई आपबीती, भीड़ जानवरों की तरह मार रही थी, और हम हाथ जोड़ते रहे...

धार के ग्राम खिखरिया में बुधवार को उन्मादी भीड़ ने बच्चा चोर समझकर एक किसान की पीट पीटकर हत्या कर दी थी। वहीं पांच लोग घायल हो गए थे। इनमें से चार का इंदौर अस्पताल में इलाज चल रही है। वहीं एक घायल जगदीश शर्मा भीड़ से बचकर दूसरे गांव भाग गया था। सरपंच व चौकीदार ने उसे पुलिस को सौंप दिया था। इससे उसकी जान बच गई।
जिले के लिंबापिपलिया गांव के रहवासी जगदीश की आपबीती सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। जगदीश के अनुसार लोग उन्हें जानवरों की तरह मार रहे थे। वे हाथ जोड़ रहम की गुहार लगा रहे थे। इधर भीड़ का शिकार हुए मृतक गणेश का सांवेर तहसील के खेड़ागांव में गुरुवार को अंतिम संस्कार हुआ। प्रदेश के काबीना मंत्री जीतू पटवारी भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक भी अपराधी को नहीं छोड़ा जाएगा।

उज्जैन जिले के लिंबापिपलिया गांव के जगदीश पिता पूनमचंद्र शर्मा ने बताया कि उसके मामा का लड़का जगदीश पिता राधेश्याम, नरेंद्र पिता सुंदरलाल शर्मा, रवि पिता शंकरलाल पटेल व खेड़ागांव के गणेश पिता मनोज पटेल व एक अन्य के साथ वह धार के तिलोद में हाली से रुपए वापस लेने के लिए गए थे। हाली के यहां से बार-बार फोेन आ रहा था कि वह आकर रुपए वापस ले जाए। पूर्व में इन लोगों का हाली से खेत पर मजदूरी को लेकर करार हुआ था। मगर हाली के नहीं आने पर रुपए वापस लेने की बात हुई थी। बुधवार सुबह करीब 5 बजे जगदीश सभी के साथ कार से गया था।
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