फिल्म देखकर रची ऐसी खौफनाक साजिश, अगवा करके कर दिया हत्या, जंगल में मिला उसका कंकाल और सिर...

अपहरण फिल्म देखकर फिरौती के लिए चार छात्रों ने सहपाठी का पहले अपहरण किया फिर बेरहमी से हत्या कर दी। सिर को धड़ से अलग कर जंगल में गाड़ दिया। घटना के छठवें दिन छात्र के पिता को फोन कर आठ लाख की फिरौती मांगी गई तब पुलिस हरकत में आई। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने इंटर के चार छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस ने अपह्त छात्र अभिषेक का कंकाल, जूते और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए छात्रों ने दावा किया है कि अपहरण की साजिश में अभिषेक भी था। फिरौती की रकम पांचों में बंटनी थी, लेकिन अभिषेक सारी रकम हड़पना चाहता था इसलिए उसकी हत्या कर दी। तिर्वा कस्बे के अन्नपूर्णानगर निवासी गोपाल राजपूत ठठिया रोड पर लोगों का इलाज करते हैं। इनका 16 वर्षीय बेटा अभिषेक कस्बे के महेंद्र नीलम जनता इंटर कालेज में इंटर का छात्र था। चार फरवरी को उसके साथ पढ़ने वाले मोहल्ले के दो दोस्त प्रवेश पत्र लेने को कालेज ले गए थे।.

तभी से वह घर नहीं लौटा था। पांच फरवरी को कोतवाली में गोपाल ने बेटे के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। 10 फरवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे गोपाल के फोन पर कॉल आई। कॉलर ने अपहरण करने की सूचना देकर आठ लाख की फिरौती मांगी। इसकी जानकारी गोपाल ने तिर्वा कोतवाल टीपी वर्मा को दी। 12 फरवरी को सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र सिंह मोबाइल नंबर के आधार पर फोन करने वाले व्यक्ति तक पहुंच गए। फोन करने वाला अभिषेक का ही सहपाठी था। फिरौती में आठ लाख रुपये के लालच में चार सहपाठियों ने उसका अपहरण किया था। पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया। 

आरोपियों ने बताया कि चार फरवरी की सुबह करीब 10 बजे अपहरण कर दोपहर करीब 12 बजे अभिषेक की हत्या कर दी थी। लाश को गुरसहायगंज कोतवाली के तेरारब्बू के जंगल में गड्ढा खोदकर दबा दिया था। पुलिस ने गड्ढे से अभिषेक का कंकाल, जूते और हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया। शव को कुत्तों ने नोच डाला था। सिर कुछ दूरी पर पड़ा मिला। पुलिस कप्तान अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस सनसनीखेज मामले में आरोपी छात्रों के अलावा किसी पेशेवर के शामिल होने की आशंका है। सभी छात्रों से अलग-अलग पूछताछ हो रही है। उनकी निशान देही पर एक तमंचा भी बरामद किया गया है।
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